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अंतिम विदाई स्थल को मिला सम्मान, केरबना में अब सुरक्षित और गरिमामय होगा मुक्तिधाम

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IMG 20260314 WA0226सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 *विकास केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज की संवेदनाओं से भी जुड़ा होता है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने ग्राम पंचायत केरबना में मुक्तिधाम की बाउंड्रीवॉल (सीमा दीवार) निर्माण कार्य (आठ लाख रू.) का विधि-विधान से भूमि पूजन किया। यह कार्य न केवल बुनियादी ढांचे का विकास है, बल्कि मृत आत्माओं के प्रति सम्मान और ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही एक भावनात्मक मांग को पूरा करना भी है
ग्रामीण परिवेश में मुक्तिधाम अक्सर बस्ती से दूर एकांत में होते हैं। ऐसे में बाउंड्रीवॉल का होना कई मायनों में अनिवार्य हो जाता है: अक्सर खुले मैदानों में स्थित मुक्तिधाम में आवारा पशुओं का प्रवेश बना रहता है, जिससे वहां की शांति और स्वच्छता प्रभावित होती है। बाउंड्रीवॉल बनने से इस पवित्र स्थान की मर्यादा सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण की आशंका भी खत्म होगी। अंतिम संस्कार के समय या उसके बाद परिजनों का वहां रुकना अक्सर असुरक्षित महसूस होता था। एक सुव्यवस्थित सीमा दीवार ग्रामीणों को मानसिक सुरक्षा का अहसास कराती है। अब परिजन एकांत में अपने प्रियजनों को याद कर सकेंगे। दीवार बनने के बाद अब इस परिसर के भीतर वृक्षारोपण और बगीचे का विकास आसानी से किया जा सकेगा। बिना सुरक्षा के पौधे जीवित नहीं रह पाते थे, लेकिन अब यहाँ ‘शांति उपवन’ विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। मुक्तिधाम की एक निश्चित सीमा होने से गांव के विकास का नक्शा साफ रहता है। यह सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक व्यवस्थित विरासत छोड़ेगा। विधायक प्रदीप लारिया, जो स्वयं एक इंजीनियर हैं, उन्होंने इस कार्य की गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। भूमि पूजन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास का अर्थ केवल चकाचौंध पैदा करना नहीं, बल्कि जनता के अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करना भी है। केरबना में होने वाला यह निर्माण कार्य इस बात का प्रमाण है कि नेतृत्व जब जनता की छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण जरूरतों को समझने लगता है, तो गाँव वाकई में ‘स्मार्ट’ और ‘संवेदनशील’ बनने लगते हैं। अब केरबना का मुक्तिधाम केवल एक वीरान कोना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानित ‘स्मृति स्थल’ कहलाएगा। इस अवसर पर ग्राम वरिष्ठ,सरपंचगण, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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